माँ कहानी संग्रह - Maa kahaanee sangrah prerana agravaal kee
Description
“उनकी कहानियों में रिश्तों की गहराई, भावुकता की पराकाष्ठा तक पहुंचती हैं और दिल को छू जाती है।
उन्होंने कहानियों में चरित्रों के मानवीय पक्ष एवं घटनाओ का सूक्ष्म विवरण प्रस्तुत किया है, जिसके कारण इनका मंचन सफलतापूर्वक किया जा सकता है।
देवेन्द्र राज अंकुर
निर्देशक
पूर्व निदेशक-राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय
सुप्रसिद्ध अभिनेत्री, नाट्यकर्मी, निर्मात्री और लेखिका प्रेरणा अग्रवाल के प्रस्तुत संग्रह “”माँ”” की समस्त कहानियों को पढ़ने के पश्चात में पूरी जिम्मेदारी से कह सकता हूँ कि कहानी के समस्त तत्वों के आधार पर प्रेरणा जी ने अद्भुत कहानियों का सृजन किया है। ऐसी कहानियाँ जो स्वयं अपने आसपास के वातावरण को गढ़ती हुई दिखाई देती हैं।
मुझे विश्वास है कि यह कहानी संग्रह हमारे साहित्य की धरोहर बनेगा।
मुझे लगता है कि प्रस्तुत कहानी संग्रह “”माँ”” साहित्य के क्षेत्र में प्रेरणा जी को स्थापित करने के साथ-साथ एक गरिमामय स्थान का भी हकदार बनायेगा।
“”माँ”” एक अद्भुत और उत्सुकता से भरा हुआ ऐसा कहानी संग्रह है जिसकी प्रत्येक कहानी को पढ़ने के बाद आप बिना रुके उसकी दूसरी कहानी की तरफ बढ़ जाते हैं।
जब इस दौर की श्रेष्ठ कहानियों की बात होगी तो इस दशक की महत्वपूर्ण कहानियों में “”हो हो”” को भी शामिल किया जायेगा।
अंत में केवल यह कहना चाहूँगा कि प्रेरणा जी ने जीवन को बहुत नज़दीक से जाना, परखा और महसूस किया है और उसके विभिन्न रंगों को विश्लेषित करके अपनी संवेदना के साथ भावपूर्ण तरीके से इन कहानियों के रूप में प्रस्तुत किया है।
डॉ. प्रवीण शुक्ल
कवि एवं साहित्यकार”
About The Author
“रंगमंच की एक महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर प्रेरणा अग्रवाल उन रचनाकारों में हैं जिन्हें नाटक लेखन व कहानी सृजन में महारथ हासिल है। उनके नवीनतम कहानी संग्रह “”माँ”” की कहानियां पढ़ते हुए उनकी लेखन प्रतिभा के प्रति मन नतमस्तक हो जाता है। प्रेरणा अग्रवाल के इस कहानी संग्रह की प्रत्येक कहानी अपने आप में एक साहित्यिक दस्तावेज़ है।
राजीव रोहित
लेखक एवं पत्रकार
इसमें उनकी सभी कहानियों में यथार्थ और भावनाओं का एक अभूतपूर्व संगम है। कहानियों के पात्र एवं घटनाएँ अपने आसपास के और रियल लगते हैं। अनछुए पहलुओं पर कहानी लिखीं हैं इन्होंने। में व्यक्तिगत रूप से इन सभी कहानियों पर फिल्म बनाना चाहता हूँ।
विनयशील चतुर्वेदी
कवि, साहित्यकार एवं निर्माता संस्थापक-काशी इण्डियन इंटरनेशनल
फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स (कीफा)
प्रेरणा अग्रवाल की चुनिंदा नौ संवेदनशील कहानियों का संग्रह “”माँ””, कहानियों की एक जादू की पोटली है। उनकी कहानियां इतनी सजीव हैं कि उन्हें पढ़ते समय ऐसा लगता है जैसे समाज की खिड़की से झांककर उन्होंने स्वयं इस कहानियों को घटते देखा है। प्रेरणा अग्रवाल की कहानियों की ये किताव एक ऐसा कालजयी दस्तावेज़ है जो वर्षों तक अपने गहरे अथों के कारण जीवित रहेगा। बतौर फिल्म निर्देशक एवं नाट्य निर्देशक, मैं यहाँ एक अहम बात अवश्य उद्धृत करना चाहूँगा, कि इस संग्रह की एक-एक कहानी पर फीचर-फिल्म, शॉर्ट फिल्म, वेव-सीरीज़ एवं सम्पूर्ण नाटक बन सकता है।
नवीन अग्रवाल
निर्देशक एवं अभिनेता
निदेशक एवं संस्थापक पूर्वाभ्यास नाट्य संस्थान संस्थापक-काशी इण्डियन इंटरनेशनल
फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स (कीफा)”






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