'संघ', सनातन और संस्कृति- Sanatan Sangh Aur Sanskriti
Description
संघ’, सनातन और संस्कृति के बीच का पुल है। अटल जी संघ की बुनियाद को मजबूत करने वाले स्तंभ हैं। जब-जब सनातन और संस्कृति पर कोई आँच आयी है। तब-तब संघ के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मिलकर उसका सामना किया। संघ भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीयता बोध और भारतीय गौरव का पोषक है।
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डॉ भीमसेन जी का विद्यार्थी जीवन अत्यंत संघर्षपूर्ण रहा जे एन यू में शिक्षा ग्रहण करते हुए अनेक वैचारिक चुनातियों का सामना करना पड़ा। सभी बाधाओं को पार कर दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती महाविद्यालय सायं के 10 वर्ष एवं किरोड़ीमल कॉलेज के 18 वर्ष प्राचार्य के रूप में सेवारत रहे ! उनकी शैक्षणिक योग्यता, साधना एवं अनुभव का सम्मान करते हुए महर्षि महेश सूचना एवं तकनीकी विश्वविद्यालय (लखनऊ एवं नॉएडा) ने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का सलाहकार नामित किया। ईश्वरीय कृपा और पूज्य माता श्रीमती भीखैना देवी-पिता श्री सीताराम सिंह के आशीर्वाद से सनातनी परिवार में जन्म एवं पालन पोषण होने से जीवन में सनातन परम्पराओं, धर्म, संस्कृति, अध्यात्म से ओतप्रोत जीवन मूल्यों, भारतीयता, राष्ट्रीयता के प्रति अगाध श्रद्धा, समर्पण, निष्व का भाव रहा जिसके कारण अंतःचेतना को नित नूतन आयाम मिलता रहा ! आयु के 75 वर्ष में जीवन का अधिकांश समय शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययन अध्यापन में व्यतीत हुआ है !






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