XStore theme
0 Days
0 Hours
0 Mins
0 Secs

No products in the cart.

Fine essays of Acharya Hazari Prasad Dwivedi and Indian Culture

695.00

🔥 2 items sold in last 7 days
47 people are viewing this product right now

Author Name – Dr. Sushil Kumar
ललित निबंधों का सृजन इसलिए युनौतिपूर्ण होता है कि इसके तत्त्व मूलतः देश-काल की प्रेरणाओं से अनुबद्ध होती है।

In stock

or
SKU: HSP0044 Categories:
Estimated delivery:May 13, 2026 - May 15, 2026

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के ललित निबंध और भारतीय संस्कृति: Fine essays of Acharya Hazari Prasad Dwivedi and Indian Culture

Description

“ललित निबंधों का सृजन इसलिए युनौतिपूर्ण होता है कि इसके तत्त्व मूलतः देश-काल की प्रेरणाओं से अनुबद्ध होती है। उसकी जड़ें परंपरा में होती है, प्रेरणा अपने युग में और दृष्टि भविष्य की और। त्रिकालदर्शी होना इस विधा की अपनी ख़ास विशेषता है। इस दृष्टि से आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के निबंध अतुलनीय हैं।

आचार्य द्विवेदी साहित्य को संस्कृति का प्रमुख घटक मानते हैं। उनके अनुसार, ‘सभ्यता समाज की बाह्य व्यवस्थाओं का नाम है; संस्कृति व्यक्ति के अन्दर के विकास का । ‘भारतीय संस्कृति’ में ‘भारतीय’ की सार्थकता विशेष है। द्विवेदी जी के अनुसार विश्व में भारत ने जो विशिष्ट योगदान किया है वही भारतीय संस्कृति है।”

About The Author

“डॉ. सुशील कुमार

पिता : स्व. रामचंद्र ठाकुर

माता : स्व. शांति देवी

जन्म : पटना

शिक्षा : स्नातकोत्तर (हिंदी), पीएच.डी., नेट

लेखन/संपादन

कामायनी मूल पाठ (बोध और व्याख्या)

कार्य :

विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में आलेख प्रकाशित

सहायक प्राध्यापक हिंदी विभाग, श्री गृरू गोविंद सिंह महाविद्यालय, पटना सिटी, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना।

सम्मान

गायत्री फाउंडेशन आयोजित शिक्षक सम्मान में ‘चाणक्य सम्मान’

बिहारी हिंदी ग्रंथ अकादमी, उच्च शिक्षा विभाग, बिहार द्वारा हिंदी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट सक्रियता के लिए सम्मान निवास : पंचवटी कॉलोनी, दीघा (अटल”

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Fine essays of Acharya Hazari Prasad Dwivedi and Indian Culture”

Your email address will not be published. Required fields are marked

Featured Products