हिन्दी कविता (आदिकाल एवं निर्गुण भक्तिकाव्य) - Hindi Kavita Aadikaal Aur Nirgun Bhaktikaavy
Description
यह पुस्तक बी.ए. हिंदी ऑनर्स प्रथम सेमेस्टर के सिलेबस को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इस सिलेबस में आदिकाल और निर्गुण भक्तिकाव्य से दो-दो कवि लगाए गए हैं। आदिकाल से चंदबरदाई और विद्यापति हैं तो निर्गुण भक्तिकाव्य से कबीरदास और मलिक मुहम्मद जायसी। इस पुस्तक में इन चारों ही कवियों के मूल पाठ के साथ-साथ उनके साहित्य के संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं। इससे विद्यार्थियों को इन कवियों की काव्यगत विशेषताओं को जानने और ससमझने में बहुत मदद मिलेगी। उन्हें पाठ से संबंधित अन्य पुस्तकों को पढ़ने की आवश्यकता कम महसूस होगी। इस पुस्तक को तैयार ही इस उद्देश्य के साथ किया गया है कि विद्यार्थियों को मूल पाठ के साथ अन्य सभी सामग्री एक ही जगह उपलब्ध हो जाए।
About The Author
लेखक परिचय
डॉ. रमेश कुमार राज
SWA Member
जन्म: 10 फरवरी 1989, सीतामढ़ी जिला, बिहार
शिक्षा: 2012 में प्रथम श्रेणी से बी.ए. हिंदी ऑनर्स, राजधानी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय
वर्ष 2014 में प्रथम श्रेणी से एम. ए. हिंदी, हिन्दू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय
2014-15 में ‘महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा से ‘मुक्तिबोध का आत्म-संघर्ष: विशेष संदर्भ मुक्तिबोध के पत्र’ विषय पर प्रो. कृष्ण कुमार सिंह के शोध- निर्देशन में एम. फिल. हिंदी
फरवरी 2023 में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग से ‘तुलसीदास के काव्य में आदर्श और यथार्थ का द्वंद्व’ विषय पर प्रो. गोपेश्वर सिंह और डॉ. बिमलेंदु तीर्थंकर के शोध-निर्देशन में पीएचडी.
जुलाई 2016 में 72 प्रतिशत अंकों के साथ JRF उत्तीर्ण
फरवरी 2020 – मई 2023 तक से दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर (Ad-hoc) के पद पर कार्य किया.
वर्ष 2016 से 2020 तक रामानुजन कॉलेज में अतिथि अध्यापक (NCWEB) के रूप में कार्य किया.
वर्ष 2023 से 2024 तक कालिंदी कॉलेज में अतिथि अध्यापक (NCWEB) के रूप में कार्य किया.
वर्ष 2023 से 2024 तक हंसराज कॉलेज में अतिथि अध्यापक के रूप में कार्य किया.
प्रकाशन: ‘जनसत्ता’ के ‘दुनिया मेरे आगे’ कॉलम में ’पहनावे की पहचान’ (20 फरवरी 2012), ‘सच का ठौर’ (27 जुलाई 2012) ‘वर्चस्व का औजार’ (14 सितम्बर 2012), ‘खौफ की वर्दी’ (7 फरवरी 2013), ‘अँधेरी राह’ (31 जुलाई 2015) नाम से लेख प्रकाशित.
‘वाणी प्रकाशन’ से नवनीत आचार्य द्वारा सम्पादित ‘भक्ति के स्त्री-स्वर’ शीर्षक पुस्तक में ‘भक्त कवियों का स्त्री विषयक दृष्टिकोण’ नाम से एक अध्याय संकलित.
गोपेश्वर सिंह की आलोचनात्मक और सम्पादित पुस्तक ‘आलोचना के परिसर’ और ‘विजयदेव नारायण साही’ की भूमिका में आभारी के रूप में उपस्थित.
पुस्तक: अलक्षित मुक्तिबोध (प्रभाकर प्रकाशन 2021)
आदिकालीन हिंदी साहित्य (reading rooms 2019)
हिंदी साहित्य का इतिहास: आदिकाल (हंस प्रकाशन 2025)
कहानी: फिर कभी मिलेंगे (जानकी पुल वेब पोर्टल), मन नहीं लगता (जनकृति पत्रिका) मैं जिंदा हूँ (स्वनिम पत्रिका)
गीत लेखन: अवध में आए हैं अवधेश (https://www.youtube.com/watch?v=mXHH1nxqe1U)
स्क्रिप्ट लेखन: मुआवज़ा (लघु फिल्म) सरकारी नौकरी (लघु फिल्म) तथा अन्य पटकथा लेखन.
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और संपादित पुस्तकों में समसामयिक लेखन.









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