हिंदी नवजागरण और आचर्य शिवपूजन सहाय
Description
आचार्य शिवपूजन सहाय और इस किताब की लेखिका का संबंध संयोगवश उसी जनपद से है जिससे मेरा। यह हमारे लिए गौरव का विषय है। आचार्य शिवपूजन सहाय जैसे दूरदर्शी और कर्मठ साहित्यकार के रचनाकर्म को जिस दृष्टि से देखने का प्रयास इस किताब में हुआ है वह इस बात का प्रमाण है कि लेखिका का उनसे लगाव सिर्फ अकादमिक स्तर पर नहीं है बल्कि संवेदना के स्तर पर भी उतना ही है। अपने पुरखों के रचनाकर्म को समझने के लिए जिस गहन अध्ययन और विवेचन की ज़रूरत होती है उसके ठोस प्रमाण भी इस किताब में मौजूद हैं। मुझे यकीन है कि इस किताब से आचार्य शिवपूजन सहाय के साथ हिंदी नवजागरण के कुछ ऐसे प्रसंगों पर भी आपकी निगाह जाएगी जो अब तक अचर्चित रहे हैं। इस किताब के लिए लेखिका को हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई ।
गजेन्द्र पाठक अध्यक्ष, हिंदी विभाग हैदराबाद विश्वविद्यालय
About The Author
डॉ. वर्षा गुप्ता
जन्म एवं स्थान : 7 जून, 1989, दरभंगा (बिहार)
शिक्षा :
बी.एड., एम.ए. (हिंदी साहित्य),
एम. फिल्.,
पीएच-डी. (हिंदी साहित्य),
स्नातकोत्तर अनुवाद डिप्लोमा,
स्नातकोत्तर पत्रकारिता डिप्लोमा ।
सृजन : विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं तथा समाचार पत्रों में लेख, कहानी, कविता, शोधपरक एवं आलोचनात्मक लेख प्रकाशित। विभिन्न राष्ट्रीय संगोष्ठियों में सहभागिता ।
सम्मान :
‘नारी शक्ति सागर सम्मान’,
‘लक्ष्मीबाई काव्य भूषण सम्मान’,
‘हिंदी काव्य रत्न सम्मान’,
‘भार”






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