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मैं नहीं जानता

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Author Name – कमलेश भारती
कमलेश भारतीय लघुकथा क्षेत्र में पचास वर्ष से सक्रिय हैं और स्वयं सन् 1971 में लघुकथा पत्रिका प्रयास निकाल कर एक छोटे से कस्बे नवांशहर से लघुकथा लेखन शुरू किया। वहां से चंडीगढ़ से प्रकाशित दैनिक ट्रिब्यून में उपसंपादक के रूप में कथा कहानी पन्ने पर लघुकथाओं को प्रमुखता से प्रकाशित कर योगदान दिया। बाद में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष बनने पर फिर अकादमी की कथा पत्रिका कथा समय में प्रतिमाह चुनी हुई लघुकथाएं दीं।

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मैं नहीं जानता - Main Nahin Jaanata

Description

कमलेश भारतीय लघुकथा क्षेत्र में पचास वर्ष से सक्रिय हैं और स्वयं सन् 1971 में लघुकथा पत्रिका प्रयास निकाल कर एक छोटे से कस्बे नवांशहर से लघुकथा लेखन शुरू किया। वहां से चंडीगढ़ से प्रकाशित दैनिक ट्रिब्यून में उपसंपादक के रूप में कथा कहानी पन्ने पर लघुकथाओं को प्रमुखता से प्रकाशित कर योगदान दिया। बाद में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष बनने पर फिर अकादमी की कथा पत्रिका कथा समय में प्रतिमाह चुनी हुई लघुकथाएं दीं। पचास वर्ष से लघुकथाएं लिख रहे कमलेश भारतीय अब तक चार लघुकथा संग्रह इस विधा को दे चुके हैं। एक संग्रह इतनी सी बात का पंजाबी में अनुवाद । यह पांचवां लघुकथा संग्रह है आपके हाथों में। पचास वर्ष की स्वर्णिम व समर्पित यात्रा। चुनी हुई और चर्चित लघुकथाएं। एकसाथ। यह दौर कैसे और किन किन विषयों को छूता हुआ गुजरा यह सब बहुत रोचक यात्रा है। आइए। कितनी ही संस्थाओं से सम्मानित । प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तक। हंस प्रकाशन का यह अनुपम उपहार । उम्मीद है कि इन लघुकथाओं में देश व समाज का चेहरा देख पायेंगे…

About The Author

“कमलेश भारतीय की प्रकाशित

कृतियां :

महक से ऊपर

मस्त राम जिंदाबाद

मां और मिट्टी

इस बार

एक संवाददाता की डायरी

जादूगरनी

शो विंडो की गुड़िया

ऐसे थे तुम

इतनी सी बात

दरवाजा कौन खोलेगा

इतनी सी बात लघुकथा संग्रह का पंजाबी में एनी कु गल के रूप में प्रकाशन।

डॉ. किरण वालिया और कमला नेहरू कॉलेज, फगवाडा द्वारा। देश के चर्चित साहित्यकारों से इंटरव्यूज की पुस्तक यादों की धरोहर के दो संस्करण प्रकाशित ।

यह आम रास्ता नहीं है (कथा संग्रह)।

मां और मिट्टी कथा संग्रह का नेपाली में अनुवाद राजेन्द्र ढाकल द्वारा।”

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