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परसाई के साहित्य में व्यंग्य के रंग कथा साहित्य और निबन्ध सन्दर्भ

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Author Name – Dr. Kamlesh
हरिशंकर परसाई महान साहित्यकार हैं, उनकी लेखनी से लगातार दर्जनों कृतियाँ सामने आई हैं। आप की अधिकांश रचनाओं में व्यंग्य का गहरा तीखा रूप दिखाई देतो है।

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परसाई के साहित्य में व्यंग्य के रंग कथा साहित्य और निबन्ध सन्दर्भ - Parasaee ke Saahity Mein Vyangy ke Rang Katha Saahity aur Nibandh Sandarbh

Description

हरिशंकर परसाई महान साहित्यकार हैं, उनकी लेखनी से लगातार दर्जनों कृतियाँ सामने आई हैं। आप की अधिकांश रचनाओं में व्यंग्य का गहरा तीखा रूप दिखाई देतो है। उनकी रचनाओं में उनकी निर्भीकता मानवतावादी दृष्टिकोण और आदर्श समाज स्थापना का भाव सामने आता है। परसाई के व्यंग्य में राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक संदर्भों की विद्रूपताओं पर गहरी चोट की है।

About The Author

परसाई के निबंधों की भाव गंभीरता में व्यक्ति और समाज से लेकर देश तक की विषमताओं को व्यंग्य के माध्यम से सामने लाकर सुधार का प्रयास किया गया है। परसारई मनुष्य में आदर्श गुणों को देखना चाहते हैं, तो समाज की समस्याओं को समाप्त करने के अभिलाषी हैं। उनका व्यंग्य प्रधान साहित्य हिंदी साहित्य की प्रेरक धरोहर के रूप में है।

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