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राकेश मिश्र की कविताएं: संघर्ष, प्रेम और प्रकृति की सहचरी

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Author Name – Pro. Rama and Dr. Mahendra Prajapati
कवि श्री राकेश मिश्र का जन्म 30 नवंबर, 1964 को उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में हुआ। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से विधि स्नातक श्री राकेश मिश्र भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं तथा उत्तर प्रदेश में कार्यरत हैं।

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राकेश मिश्र की कविताएं: संघर्ष, प्रेम और प्रकृति की सहचरी - Raakesh mishr ki kavitaen sangharsh, prem aur prakrti kee sahacharee

Description

कवि श्री राकेश मिश्र का जन्म 30 नवंबर, 1964 को उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में हुआ।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से विधि स्नातक श्री राकेश मिश्र भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं तथा उत्तर प्रदेश में कार्यरत हैं।

काव्य संग्रह –

वर्ष 2002 में ‘शब्दगात’ का प्रकाशन। वर्ष 2019 में राजकमल समूह के राधाकृष्ण प्रकाशन से तीन काव्य संग्रह- ‘अटक गई नींद’, ‘चलते रहे रात भर’, ‘जिंदगी एक कण है’ का प्रकाशन। एक अन्य काव्य-संग्रह प्रकाशनाधीन

About The Author

राकेश मिश्र के काव्य-संग्रहों में कविताओं का क्रम इस तरह से होता है जैसे वह स्वयं जीवन की यात्रा पर हैं। कुछ कविताएं जीवन संघर्ष, अमानवीयता, असंवेदनशीलता को अभिव्यक्त करती हैं और अचानक से प्रेम की कविता, माँ-पिता या कोई सम्बन्ध उभरकर सामने आ जाता है। होना भी यही चाहिए। जीवन की यात्रा चाहे जितनी जटिल और असंभव हो, प्रेम न हो तो इंसान टूट जाए। प्रेम चाहे जिस रूप में हो, होना चाहिए।

राकेश मिश्र विज्ञान के विद्यार्थी हैं। गणित भी उन्हें आती है। हिंदी का आशीर्वाद उन्हें मिल चुका है। लिहाज़ा कई स्थानों पर वह हिंदी की संवेदना और विज्ञान के प्रायोगिक ज्ञान को एक जगह मिलाकर संवेदना का रोमांच रचते हैं।

कविता को भाषा की बहुत ज्यादा जरुरत नहीं होती। यह तो भावना का उद्गम है। राकेश मिश्र शब्दों को लिखने से पहले जीते हैं। उस जीते हुए पलों में वह कविता करते हैं। यह ठीक है कि कविता के लिए भाषा के नियम बहुत ज्यादा मायने नहीं रखते फिर भी कवि उसका निर्वाह कर ले तो कविता का फलक और विस्तार पा जाता है।

प्रो.रमा

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