सावित्री वशिष्ठ की साहित्य-साधना - Savitri vashishth ki sahitya-sadhana
Description
पुस्तक परिचय
बहुमुखी प्रतिभा की धनी डॉ. सावित्री जी का नाम समकालीन लोक साहित्य परिदृश्य में बड़े आदर एवं सम्मान के साथ लिया जाता है। इन्होंने साहित्य की विभिन्न विधाओं पर अपनी लेखनी चलाई है। साहित्य का कोई भी क्षेत्र इनकी लेखनी से अछूता नहीं रहा। कविता, कहानी, नाटक, उपन्यास या साहित्य की अन्य किसी भी विधा के माध्यम से ये साहित्य साधना करने में सिद्धहस्त हैं।
अपने साहित्य के माध्यम से ये सामाजिक कुरीतियों को सामने लाकर उनका समाधान बताने में पूर्णरूप से सफल रही हैं। मैंने इस पुस्तक के द्वारा इनके सम्पूर्ण व्यक्तिगत एवं समग्र साहित्यिक यात्रा पर प्रकाश डालने का एक छोटा सा प्रयास किया है जो कि सूर्य को दीपक दिखाने जैसा है।
About The Author
डॉ. कुसुम भारद्वाज ‘सुषमा’
जन्म : 15 अप्रैल 1974, पानीपत जिले के काबडी गांव में।
शिक्षा : बी. कॉम, स्नातकोत्तर (अर्थशास्त्र), स्नातकोत्तर (हिन्दी), बी.एड.,
ऍम.एड., एम.फिल (हिन्दी) पी.एच.डी (हिन्दी)।
साहित्यिक गतिविधियाँ: हिन्दी भाषा और साहित्य की सेवा ।
प्रकाशन : देश की विविध शोध-पत्रिकाओं जैसे समसामयिक सृजन, आलोचन दृष्टि, शोध सरिता और शोध ऋतु में शोध-पत्रों का प्रकाशन । हिन्दी साहित्य को लेखिकाओं का योगदान (संपा, उषा यादव) में लेखन सहयोग और वस्तुनिष्ठ हिन्दी साहित्य अभ्यास पुस्तिका (भाग-1 आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल) में लेखन सहयोग ।
सम्मान : नारी तू नारायणी उत्थान समिति (रजि.) पानीपत द्वारा शिक्षक रत्न अवार्ड-2018
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय काबड़ी (पानीपत) द्वारा नैशनल विल्डर अवार्ड 2018
संप्रति : प्रवक्ता हिन्दी, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मॉडल टाऊन, पानीपत






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